मालवीय नगर अग्निकांड की पीड़िता का बड़ा आरोप: शव बांग्लादेश भेजने के नाम पर लिए ₹1.8 लाख, हादसे में गई थी 23 लोगों की जान

न्यू दिल्ली : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। हादसे में बची बांग्लादेशी नागरिक शमिया चौधरी ने आरोप लगाया है कि मृतकों के शवों को बांग्लादेश भेजने के नाम पर उनसे 1.8 लाख रुपए लिए गए, जबकि पहले सरकार की ओर से शवों को मुफ्त में भेजने का आश्वासन दिया गया था।

शमिया ने बताया कि हादसे के समय वह होटल की तीसरी मंजिल के कमरा नंबर 302 में मौजूद थीं। कमरे में पांच लोग थे। उन्होंने कहा कि सुबह करीब 8 बजे जब आग लगी तो उन्हें लगा कि अब वह जिंदा नहीं बच पाएंगी। चारों तरफ धुआं और गर्मी फैल गई थी और जिंदगी खत्म होने जैसा महसूस हो रहा था।

पीड़िता ने कहा कि पुलिस की मदद से उनका कुछ सामान वापस मिल गया है, लेकिन कई चीजें अभी भी गायब हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शवों को मुफ्त भेजने की बात कही गई थी तो दूतावास में पैसे क्यों लिए गए।

वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और बचाव कार्य में शामिल पुलिसकर्मियों, नागरिकों और राहतकर्मियों को सम्मानित किया। इस दौरान रियाजुद्दीन मंसूरी को भी सम्मान मिला, जिन्होंने लोगों की जान बचाने के लिए अपनी दुकान से गद्दे निकालकर नीचे बिछाए थे, ताकि लोग ऊपर से कूदकर बच सकें।

3 जून को हुए इस हादसे में कुल 23 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया कि होटल के पास सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था, लेकिन करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। आग के दौरान बंद खिड़कियां, खराब फायर सेफ्टी सिस्टम, संकरा रास्ता और एलपीजी सिलेंडरों की असुरक्षित व्यवस्था जैसी कई लापरवाहियां सामने आईं।

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